उत्तराखंड के Jim Corbett Park में बाघ के हमले में 5 लोगों की मौत, सतर्कता बढ़ा दी गई

उत्तराखंड के Jim Corbett Park में बाघ के हमले में 5 लोगों की मौत, सतर्कता बढ़ा दी गई

Jim Corbett Park में हुई ताजा बाघ हमले की खबरें दुखद हैं। यह दूसरा मामला है जब तात्कालिक 48 घंटों में बाघ ने मानवों पर हमला किया है। जनवरी महीने में ही 5 लोगों पर बाघों ने हमला किया है। इन सतत घटनाओं को देखते हुए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। विभिन्न स्थानों पर केज लगाकर पैट्रोलिंग को बढ़ाया गया है।

Jim Corbett Park में एक बाघिन ने मानवों पर हमला किया है और यह नरभक्षी बन गई है। इस बाघिन ने पिछले 48 घंटों में दो लोगों पर हमला किया है। इस बाघिन ने रविवार को 10 लोगों के बीच एक महिला पर हमला किया और उसे जबड़े में ग्रहण करके जंगल के अंदर खींच लिया। यह महिलाओ पर बाघ का पांचवां हमला है। इस स्थिति को देखते हुए Jim Corbett Park के अधिकारियों सहित सम्पूर्ण वन विभाग को चेतावनी दी गई है। इस बाघिन को पकड़ने के लिए विभिन्न स्थानों पर केज लगाए गए हैं। इसी समय, सामान्य लोगों को सख्त हिदायत दी गयी है कि वे जंगल में न जाएं।

दुर्गा देवी (50), दान सिंह सुप्याल की पत्नी, ने इस हमले की बारे में सोमवार को शाम 4 बजे जिम कॉर्बेट के जंगल में लकड़ी जमा करने जा रही थीं। उनके साथ गाँव की आठ से दस महिलाएं भी थीं। इन महिलाओं ने कहा कि वे सड़क से लगभग 200 मीटर की दूरी पर जंगल में थीं। इस दौरान, बाघ गुप्त रूप से आया और अचानक दुर्गा देवी पर हमला कर दिया। महिलाएं शोर करके बाघ को भगाने की कोशिश करने लगीं, लेकिन बाघ ने दुर्गा देवी को जंगल में खींच लिया। महिलाओँ ने तत्काल मामले को धेला रेंज के बबलिया आउटपोस्ट के वन कर्मियों को सूचित किया। इसके बाद, जंगल में कॉमिंग शुरू हुई। कई बार हवा में फायर किया गया।

इसके बाद, महिला का शव जंगल से लगभग 4 किलोमीटर दूर मिला। बाघ ने महिला के सिर को बड़े हिस्से तक खा लिया था। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उप निदेशक Digant Nayak के अनुसार, इन दिनों बाघ खतरनाक हो जाते हैं। इस स्थिति में, गाँववालों से कहा जाता है कि वह लकड़ी जमा करने के लिए जंगल में न जाएं। इसके बावजूद, लोग सहमत नहीं होते और ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने बताया कि महिला का पोस्टमॉर्टेम आज किया जाएगा। घटना के बाद स्थान पर पहुंचे गाँववालों ने बताया कि दुर्गा का पति बहुत समय पहले ही मर गया था। उनकी एकमात्र बेटी की शादी के बाद, वह गाँव में अकेली रहती थीं। बता दें कि इस समय जनवरी से मार्च तक बाघों का शादीशुदा काल है। हालांकि सामान्य दिनों में बाघ मानवों से दूर रहना पसंद करता है, लेकिन इन दिनों बाघ अपनी ज़मीन पर किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करता। बाघ अपनी संगिनि को भी दूर फेंक देता है। इस स्थिति में, जब कोई व्यक्ति बाघ के इलाके में प्रवेश करने का प्रयास करता है, ऐसी घटनाएं होती रहती हैं।

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