भारत, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में पूर्वानुमान

भारत, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में पूर्वानुमान

प्रधानमंत्री Narendra Modi, रेटिंग एजेंसियों, और निवेश बैंकों के अनुसार, भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की कड़ी को लेकर है। यह दावा सिर्फ राजनीतिक बयानों पर निर्भर नहीं है, बल्कि विभिन्न स्रोतों की मूल्यांकनों से समर्थित है। यहां इस आलेख में कुछ मुख्य बिंदुएं हैं:

प्रधानमंत्री का दावा:

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बार-बार कहा है कि उनकी सरकार के तीसरे कार्यकाल में, भारत वैश्विक रूप से तीसरी सबसे बड़ी अर्थशक्ति बनेगा।

रेटिंग एजेंसियों का पूर्वानुमान:

दिसंबर 2023 में S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने दावा किया कि भारत अगले तीन वर्षों के लिए विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होगी, जिससे वह 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थशक्ति बनेगा।

सितंबर 2023 में मॉर्गन स्टैनली का एक अनुसंधान पेपर यह पूर्वानुमान करता है कि 2027 तक भारत जापान और जर्मनी को पीछे छोड़कर तीसरी सबसे बड़ी अर्थशक्ति बनेगा।

विशेषज्ञों का विश्वास:

JP मॉर्गन के एशिया पैसिफिक इक्विटी रिसर्च के संचालक जेम्स सुलीवन ने भी यह दावा किया है कि 2027 तक भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थशक्ति बनेगा।
IMF के पहले डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर, गीता गोपिनाथ, ने पिछले साल पूर्वानुमान किया कि अगले चार वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी।

वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट:

जनवरी 2024 के आखिरी सप्ताह में, वित्त मंत्रालय ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले तीन वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर के क़रीब होगी और इससे भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगी। इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि आने वाले छह-सात वर्षों तक या 2030 तक, भारतीय अर्थव्यवस्था 7 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी।

गोल्डमैन सैक्स का पूर्वानुमान:

गोल्डमैन सैक्स ने पूर्वानुमान किया कि 2075 तक, भारतीय अर्थव्यवस्था अमेरिका और चीन को पीछे छोड़कर दुनिया की सबसे बड़ी अर्थशक्ति बन सकती है।
इन विभिन्न स्रोतों के समृद्धि से भारत के आर्थिक मार्ग के सुदृढ़ संकेत मिलते हैं, जो आने वाले वर्षों में दुनिया में महत्वपूर्ण स्थान हासिल करने की क्षमता पर जोर देते हैं।

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