NIEPVD बलात्कार मामला, देहरादून के संस्थान में शिक्षक को 20 वर्ष की कड़ी कैद, उप प्रमुख को 6 महीने की सजा`

NIEPVD बलात्कार मामला, देहरादून के संस्थान में शिक्षक को 20 वर्ष की कड़ी कैद, उप प्रमुख को 6 महीने की सजा

NIEPVD बलात्कार मामला: Dehradun के राष्ट्रीय दृष्टिहीन विकलांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण संस्थान में एक छात्रा के साथ बलात्कार के मामले में, न्यायालय ने आरोपी शिक्षक को 20 वर्ष की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। इस मामले में, उप प्रमुख को भी 6 महीने की कैद की सजा हुई है, क्योंकि उसने शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की थी। यह घटना 2018 में Dehradun के राष्ट्रीय दृष्टिहीन विकलांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण संस्थान में हुई थी। इस मामले में कोर्ट ने मंगलवार को ही शिक्षक और उप प्रमुख को दोषी ठहराया था।

इस फैसले के बाद, पुलिस ने उन दोनों आरोपियों को कोर्ट से ही हिरासत में लेकर उन्हें कारागार भेज दिया। कोर्ट ADGC Kishore Kumar Singh के अनुसार, NIEPVD Dehradun में राजपुर रोड पर संचालित हो रहा है। यह आरोप है कि 2018 में यहां एक नाबालिग और अंधी छात्रा के साथ बलात्कार हुआ था। इस संबंध में छात्रा ने संस्थान के उप प्रमुख को शिकायत की थी, लेकिन उसने मामले को दबाने का प्रयास किया। इसके बाद, मामले की जानकारी जिला बाल कल्याण समिति को दी गई थी।

मामले दर्ज होते ही हुआ फरार

समिति ने ही इस संबंध में राजपुर पुलिस स्टेशन में शिक्षक Suchit Narang के खिलाफ मामला दर्ज किया था। केस डायरी मे मामला दर्ज होते ही , तत्काल आरोपी शिक्षक सुचित फरार हो गया और कुछ दिनों बाद Uttarakhand हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल हो गई। दूसरी ओर, जब पुलिस ने मामले की जाँच शुरू की, तो पता चला कि घटना के तुरंत बाद ही छात्रा ने उप प्रमुख को आरोपी शिक्षक के खिलाफ शिकायत की थी।

उप प्रमुख ने मामले को दबाने का प्रयास किया था

आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के बजाय, उसने मामले को दबाने का प्रयास किया था। इस परिस्थिति में, पुलिस ने मामले में उप प्रमुख का नाम शामिल किया और चार्जशीट प्रस्तुत की। इसके बाद न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। जहां न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी माना और इसे सबसे घातक अपराध माना। इस मामले में, जबकि न्यायालय ने आरोपी शिक्षक को एक वर्ष की कड़ी कैद की सजा सुनाई है, उप प्रमुख को छह महीने की कैद की सजा देने का भी आदेश दिया है। ADGC के अनुसार, संस्थान के निदेशक ने चार्जशीट के आने पर ही राजीनामा दे दिया था। प्रमुख और उप प्रमुख को उनके पदों से हटा दिया गया था।

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